मंगलवार, 31 दिसंबर 2013

संकल्प २०१४

नया वर्ष मंगलमय हो..... आप सभी के सारे सपने साकार हों। ……। आपसी ताल मेल और विश्वास मैं लगातार इज़ाफ़ा हो। … परमात्मा के प्रति श्रद्धा बड़े। .... अन्ध विश्वास समाप्त हो........ समाज में नारी का स्थान बराबरी और सम्मान के साथ लिया जाये १  

 इस वर्ष २०१३  मैं  जो  भी इस देश में हुआ चाहे  सही या गलत , अच्चा  या बुरा   उस का जिम्मेदार हमारा समाज है  ……। इस पुरे वर्ष में लगातार समाज और सरकार  दोनों  ही एक दूसरे बदतर और बदतर होने का प्रयास करते  रहे!!! पिछले   वर्ष कि शुरुवात समाज याने हम सब ने   ऐसे संकल्प के साथ किया था कि देश में महिला सुरक्षा के स्थाई और निर्णायक कदम  लिए जाएगे। लेकिन २०१३  के अंत तक समाज के बहुचर्चित  ठेकेदार  महिला दुष्कर्म के मामलो में सलाखो के पीछे है।  पिछले कुछ वर्षो में समाज का नैतिक पतन हुआ है जिसके गिरने कि दर सरकार से कहे ज्यादा है ! हमें सबसे पहले समाज में जाग्रति लानी होगी वर्ष २०१४ कि शुरुवात कम से कम में इस संकल्प के साथ तो कर रहा हु। आप अपने निर्णय के लिए स्वतंत्र है ! 

                      हमें यह मानना पड़ेगा सरकार और समाज रेल कि दो पटरियों के सामान है और सफल परिवहन के लिए दोनों का चलना नितांत आवश्यक है। दोनों में से कोई भी अपनी जिम्मेदारी से बच नही सकता !  
                      आईपीएल (२०१३ ) में भी खिलाड़ियो ने अपने धर्मं का पालन न कर पुरे खेल कि गरिमा और गौरव को नुकशान पहुचाया है   स्पॉट फिक्सिंग के मामले में जो कुछ भी हुआ वह समाज का दूसरा और घिनोना सच है जिस कि तुलना कुछ कुतर्की लोग महाभारत के प्रसन्ग  से करते है और इसे भी उसी परंपरा से जोड़ने और जुआ वैध बताने का प्रयास करते है ! यह भी संकल्प कि दूसरी कड़ी है इसे आप जरुर स्वीकार्य करे  
                        
                           यह देश का दुर्भाग्य है कि देश के ग्रामीण छेत्रो में बिजली हो या न हो , सड़क हो या ना हो , पानी होया नहो रोजगार हो या   न। …… हो  लेकिन  सरकारी शराब दुकान जरुर मिली। .  समाज के पतन में इसका योग दान उतना ही महत्वपूर्ण  है  जितना मोती के लिए सीप का।  जीवन के लिए वायु का। । 

वर्ष २०१४ हम सब  के जीवन मैं नवीन आदर्श पैदा करे।   बाते बहुत कुछ है कहने को कहता रहूगा। । 

एक संकल्प के साथ इस वर्ष कि शुरुवात करे 

बुजुर्गो का आर्शीवाद हो। । हमउम्र लोगो का साथ 
देते रहेगे छोटो को प्यार   

                                                                                                                                         अनिमेष सिंघई 



मुस्कुराते हुये

तुम्हे मुस्कुराते हुये देखना  और देखते रहना  मुझे आनंदित करता है  मुस्कुराते हुए जब तुम्हारी आँखें  थोड़ी सी बड़ी हो जाती हैं  और जब तुम्हारी ...