जिस अवलोकन के आधार पर दमोह को देश का सबसे गंदा/ अस्वक्छ नगर घोषित किया गया है वह कितना सही है या गलत इस का निर्णय दमोह के प्रथम परिवार पर छोड दे. जिस तरह वे तीन दशको से शहर का विकास कर रहे है ठीक उसी तरह इस पर भी निर्णय कर लेगे. लेकिन नगर बासियो के हाथ एक अवसर आया है या इसे कहू तो पहली बार आइना देखा है अव मौका है उसी आइने मे देख कर अपनी उजडी, बेरंग, धब्ब्वेदार सूरत को बेहतर बना लिया जाय. राष्ट्रीय स्तर पर दमोह बुन्देलखंड की ना कोऊ पहचान है और ना दखल.
हम आने बाले वर्षो मे ना केवल दमोह वल्कि आस पास के तीन धार्मिक स्थल(कुंडलपुर /बांदकपुर /नोहटा), एक अभ्यरण और एक अविकसित संग्रहालय को पहचान दिलाने और प्रचार प्रसार के प्रयास करे| और यह तब ही संभव है जब हम उनपर गर्व करे अपनी मानसिकता को बदले और प्रारंभ स्वयं से करे ! जब कोई पूछे की आप के वहा पर क्या है घूमने के लिये तो हमेशा की तरह रटा रटाया जबाब " हमाये ते तो कछ्छू नै या " मे ना दे . उनको इन स्थानो के विषय मे बताय !
अव बात करते है नगर को साफ़ करने की, आज पता चला की नगर को 10 लाख राशि की कूडा दान मिलने वाले है (अभी संख्या का पता नही ) पर उनका उपयोग करेगा कौन ?? शहर मे उडने वाले धूल के गुबार dust bin मे समा जायगे ?? शहर की शोभा माने जाने वाली पान की दुकानो से निकलने वाले दिव्य खाद सामग्री के पाकिट और पीक जिसने शहर की सडको और दीवारो पर पीकाकारी कर नई कला की ओर सबका ध्यान खीचा है ! इस कलाकारी का क्रम रुक जाय गा ??
कठोर नियंत्रण की आवश्यकता है
यदि गंदगी की बात हो और दमोह बस अड्डा रह जाये ऐसा कैसे संभव है उस की संरचना कुछ ऐसी बनाई गई है की कोई भी व्यक्ति नगर आये और निसानी लेकर ना जाय ऐसा केसे हो सकता है भले ही मौसम कोई सा भी हो ! बारिश के मौसम मे दलदल और बाकी समय धूल संग्रह केन्द्र :
कारण वही शहर भ्रस्टाचार के महासागर मे गोते लगारहा है और बुद्धि जीवी तटस्थ रहकर लहरो का आनंद ले रहे है यदा कदा कोई पतवार उतारते भी है तो वो भी जंगखाई और जर्जर ! अव जरुरत है तो सब को मिलकर उतरने की . . आदरनीय सांसद महोदय का कार्य प्रसंसनीय है लेकिन राजनेतिक रुप से बडे भाई का ओछा पन साफ़ दिख रहा है जिसे समय रहते नही मिटाया गया तो इसका परिणाम नगर को भुगतना होगा ! पहली बार ऐसा सुनने मे आ रहा है की भाभी, नंद पर नियंत्रण रखे है . जबकि सुनते आय है की ससुराल मे नन्दो का नियंत्रण होता है ! ! !
नगर पालिका को बहुत शुभकामना !(कम लिखे को ज्यादा समझना )
आपका : अनिमेष