आज पूरा देश महिलाओ पर हो रहे आत्याचारो के खिलाफ एकजुट है . जंतर मंतर से जगह जगह तक ...
उस एक लड़की के लिए जो जिन्दगी से जंग हार गई है पर न जाने कितनी लडकियों के लिए होसले और संगर्ष की मिशाल बन कर गई है हमारे बीच से ! ऐसा जनांदोलन न तो कभी देखा न सुना।। ऐसा जन समर्थन न तो कोई "प्रियदर्शनी" जुटा पाई।। न ही गाँव गाँव जाकर कोई " युवा ह्रदय सम्राट " इस देश एक प्रकाश आया तो लेकिन उस को "लोकनायक" बनते -बनते देर हो गई। अयोध्या की घटना के बाद भारत की राजनीती मैं कई सन्यासी कई महापुरुष आये . लेकिन गंगा सा पवित्र तो कर ना सके वल्कि गंगा की राजनीती कर उसे भी आपवित्र कर दिया . कितने दुर्भाग्य की बात है की उस लड़की के लिए इंसाफ मागने पूर्व थल सेना अध्यक्ष जब इंडिया गेट पहुचे तो उन पर दंगा भरकाने का केस दर्ज कर दिया गया . हमें अपनी सरकार पर गर्व होना चाहिए कि कल तक जिन हाथो मैं देश की सुरक्षा की सारी जिम्मेदारी वो ही आज देश की सुरक्षा के लिए खतरा हो गये .! यदि ये सेना अध्यक्ष हमारे पडोसी मुल्क से होते तो पुरे देश मैं सेना सासन होता !http://www.facebook.com/l.php?u=http%3A%2F%2Fanimeshsinghai.blogspot.in%2F2012%2F12%2Faakhir-kon.html%3Fspref%3Dfb%23!%2F&h=FAQENqUgp
जो लोग ये सोच रहे है की इन प्रदर्शन कारियों का कोई प्रमुख नही है वो इस भुल मैं है . इस पूरे नवजागरण आन्दोलन की एक मात्र नेत्रत्वकरता वो गुमनाम और बहादुर लड़की है जो निरंतर हॉस्पिटल से इस आन्दोलन का नेत्रत्व कर रही थी ! जिसको सरकार के कुछ लोगो ने पहचन लिया और उस को देश के बाहर भेज दिया। और उस ने अपना आक्रोश इस सरकार और व्यस्था के विरुद्ध इन हजारो युवक और युवतीयो के माध्यम से देश के कोने कोने तक पहुचाया। हमारे हुक्मरान इस बात को पहचानने मे कुछ हद तक गलती कर गये।
मेडिकल की एक छात्रा न जाने कैसे कुछ ही दिनों में हर हिंदुस्तानी परिवार की बेटी , हर युवा की बहन और दोस्त बन गई। और लोगो के दिलो दिमाग में हजारो सवाल दे कर गई है जिन के जवाब किसी के पास नही है। लेकिन उन को तैयार करने के जिम्मेदारी देश के 60% युवाओ पर है जिन पर 2020 तक अब्दुल कलम के भारत बनाने का दारोमदार है जो की 2020 मैं पूरे विश्व का नेत्रत्व करेगा। अब हम लोगो को सोचना है की यह कैसे संभव है और हमें अपना नेत्रत्व किन हांथो में देना है।
हमें अपनी वर्तमान सरकार से कुछ भी आशा नै करने होगी वल्कि स्वयं समाज में जाग्रति लाने का प्रयास करना होगा। हमारे समाज के लोग मानते तो राम को है पर चरित्र रावण से भी ख़राब।
गाय को इस देश में माँ कहा जाता है और न जाने कीने माई रोज सरकारी कत्लखानो में कट जाती है इस माँ में सवा करोर देवी देवता हर समय निवास करते हैं जिनमें कन्या भी एक रूप है
पूजते तो गंगा को है पर न जाने कितनी गंगा देश के अलग अलग स्थानों पर मैली होती जा रहे है। हमारे समाज में लडकियों को पूज्य माना गया है तो फिर भी हमारे समाज के ये दरिन्दे अपनी हरकतों से बाज नही आते। अब हमारे मंदिरों के पुजारियों , मस्जिद के मोलानो , गुरूद्वारे के ग्रंथि , पादरी , फादर और देश के खापो के सरपंचो को अपने स्तर से प्रयास करना होगा।
हमारे सरकार में बैठे 3-3 बेटियों के बापूओ को 10-10 दिन के बाद होश आया की 10 जनपथ , 7 रेस कोर्स रोड़, और सरकारी भवनों से 2-2 लाइन वोलने से कुछ नि होगा। वैसे परम आदरनीय राजमाता श्री मति गाँधी ने कुछ प्रदर्शन करियो से मिलकर बहुत बड़ी किरपा की है हम सब पर पूरा देश उन् का आभारी है की जिन के पास अपने पार्टी के नेताओ से मिलने का समय नही उन ने कुछ आन्दोलन कारियों से मिलकर बड़ा यहसान कर दिया।
हम उस दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रभु से प्राथना करते है और अपने लिए संवल की मांग करते है ताकि आने वाले समय में ऐसी घटनाओ से बचा जा समाज को बचाया जा सके।

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