रविवार, 23 फ़रवरी 2014
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मुस्कुराते हुये
तुम्हे मुस्कुराते हुये देखना और देखते रहना मुझे आनंदित करता है मुस्कुराते हुए जब तुम्हारी आँखें थोड़ी सी बड़ी हो जाती हैं और जब तुम्हारी ...
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पिछले दिनो मेरे हाथो लगा अपने समय का सबसे विवादित और प्रतिबन्धित लेख , जिसे लिखा था स्वयं भगत सिंह ने , जेल के अंतिम दिनो मे लिखा गया यह ले...
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परीक्षा समाप्त हो चुकी थी गर्मी का महिना और वही दादा वाली अटारी, जहाँ जाने में लोगो के पसीने छुट जाते थे वह मेरे बचपन का सबसे बहुमूल्य और आन...

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